aaj sab kuch khatam
Thursday, 23 April 2026
Monday, 29 September 2025
29 September 2025
नमस्ते दोस्तों,
आज 29 सितंबर 2025 है। रोज़ की तरह सुबह उठना कोई खास बात नहीं थी। मैं रात को देर तक जागा रहा, शायद दो बजे ही नींद आई। जब सुबह आख़िरकार आँख खुली, तो देखा – 7 बज चुके थे। तभी बीवी ने धीरे से आवाज़ दी, “सुनते हो, 7:15 हो गए हैं और आज आपको पूजा भी करनी है, उठ जाओ।”
मैंने मुँह मसलते हुए धीमे स्वर में कहा, “ठीक है।” आंखें धीरे-धीरे खोलते हुए मैं उठ गया। सबसे पहला काम – आटा गूँथना। आटे की महक और हाथों की मेहनत में ही समय बीत गया। आटा गूँथा और सब्ज़ी के लिए आलू काट दिए। तभी बीवी भी जाग गई और बोली, “आप लेट हो जाएंगे, तैयार हो जाओ, नहा-धोकर पूजा भी करनी है।”
मैं जल्दी से नहा-धोकर तैयार हुआ। तब तक बीवी ने टिफ़िन तैयार कर दिया था। मैं आलू-गोभी की सब्ज़ी और दही लेकर ऑफिस की ओर निकल पड़ा। नाश्ते में बीवी ने चाय और आधा पराठा खिला दिया था, जिससे भूख कुछ खास नहीं लगी।
मेरा ऑफिस मेरे घर से लगभग एक घंटे की दूरी पर है। बाइक पर गाने सुनते हुए और बीवी से बातें करते हुए मैं ऑफिस पहुँचा। ऑफिस पहुँचते ही वही काम शुरू किया, जो हमेशा करता आया हूँ – एक तरह का रोज़मर्रा का रूटीन, लेकिन हर दिन की कहानी अलग।
दोपहर में खाना खाया और थोड़ी बातचीत बीवी से की। अब बस समय का इंतज़ार है – कब 6 बजे का समय आए और दिन का यह सफ़र अपने अगले पड़ाव पर पहुंचे।
कभी-कभी मन बहुत उदास हो जाता है
Jab
Jindagi aise bhag rhi hai ki kab din aur kab rat
gujar jate hai pata hi nhi chalta . sapne , ye ek aisa shabd h ki ab to dekhne
se bhi mano ek dar sak lagta ho. Jane kitne hi aise sapne h jo ap shayad kabhi
poore bhi nah o . ek bhut maje ki bat btata hu shayad apko bhi use sunkar hasin
na aa jaye. Me jab chota tha to mere bhi bhut sare sapne the ki bada ghar hoga gadi
hogi naukar honge aur aaj yahan job hi bhut muskil se ho pa rhi hman to krta h
bhut kuch likhu apne jeevan ke sare experience ke bare me linkhu lekin kahan se
start kru samjh nhi aata . aankho ke samne log mere aaj
कभी-कभी मन बहुत उदास हो जाता है। समझ ही नहीं आता कि कैसी प्रतिक्रिया
दूँ, क्या करूँ। मेरे साथ भी इस समय ऐसी ही स्थिति है। कई बार मन में विचार आता है कि सब से अलग होकर अपनी ही एक दुनिया बसा लूँ—जहाँ न कोई रिश्तेदार हो और न ही कोई जानने वाला।
मैं
देखता हूँ कि आजकल अपनों से ज़्यादा, पराये लोग बिना किसी स्वार्थ के सहारा दे देते हैं। सोचता हूँ कि रिश्ता आखिर होता क्या है? क्या लोग आजकल रिश्तों का महत्व भूल गए हैं या रिश्ते केवल नाम भर के रह गए हैं?
समाज
में अहंकार की भावना इतनी बढ़ गई है कि हर कोई लड़ने को तैयार रहता है, पर झुकना किसी को स्वीकार नहीं। मुझे ऐसा समाज बिल्कुल पसंद नहीं, जहाँ चारों ओर सिर्फ़ स्वार्थी लोग हों। रिश्तों की खोखली दिखावेबाज़ी
से समाज भरा पड़ा है। यहाँ लोग दूसरों की तरक्की देखकर जलने लगते हैं।"
Monday, 4 August 2025
Kya Aap Akele H..............?
दोस्तों, आज मैं जिस विषय पर बात करने वाला हूँ, वह बहुत ही रोचक है। मैं आप सभी से एक सवाल पूछना चाहता हूँ — क्या आप भी कभी ऐसा महसूस करते हैं कि आप अकेले हैं? एक बार ज़रूर अपने आप से यह सवाल कीजिएगा।
मैं किसी और की बात नहीं करता, लेकिन जैसा मैंने महसूस किया है, वह यह है कि इस दुनिया में आप बिल्कुल अकेले हैं — कोई भी वास्तव में आपके साथ नहीं है। और यह बात इस कलियुग में पूरी तरह से सत्य प्रतीत होती है।
रिश्तों में अब पहले जैसी बात नहीं रही। जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है, वैसे-वैसे रिश्तों की परिभाषा भी बदलती जा रही है। हमारा भारत, जो अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता था, वही संस्कृति अब धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है — क्योंकि भारतीय लोग अब पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं।
जब मैं छोटा था, तब मैंने खुद देखा था कि लोग एक-दूसरे के घर जाते थे, आपस में मिलते थे, समय बिताते थे, और एक-दूसरे की खुशी में खुश होते थे। लेकिन आज का समय देखिए — इंसान के पास अब अपनी ही परिवार के लिए समय नहीं है, दूसरों की तो बात ही छोड़ दीजिए।
डिब्बे जैसे घर और उन्हीं घरों में सिमटता जा रहा है आज का इंसान। क्या आजकल के रिश्ते पैसों पर टिके हुए हैं? अगर आपके पास पैसा है, तो रिश्तेदार और घरवाले आपको पूछेंगे — और अगर आपके पास पैसा नहीं है, तो कोई आपकी खबर तक नहीं लेगा।
यह आजकल की पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है।
Friday, 28 April 2023
TODAY
jab insaan apni galtiyo ko nhi sudharta to wo ek aise daldal me chala jata hai jahan se uska lautna bhut hi muskil hota hai. jindagi me koi sortcut nhi hota aur agar apko life me kuch krna hai to sare decision bhut soch samajh ke lene padte hai. aur jo bina soche samjhe kaam krta hai uska nateeja kabhi acha nhi hota hai. agar sirf aap apne bare me hi sochoge to apki jo family hai wo to aap par hi depend hai. wo kiske pas jayegi.hum log bhut batein krte hai ki hum samajhdaar hai to kya hota hai samjhdar hona sirf apne bare me sochnaaisa nhi hota hai ap jab bhi koi decision lete ho to apko sochna chaiye kya horh ahai life me aur usi ke hisab se decision lena chaiye kyun ki hum log jab bhi kuch aisa sochate hai to itna
Saturday, 25 March 2023
25 March
waise to hum sabhi logo ko pata hi hai ki life me paisa kitna jaruri hota hai but maine apni life me kuch bat mehsus ki hue hai aur wahi bat me apko btana chata hu ek husband wife ki life me paisa 90 percent matter krta hai hope maine percentage kam hi likhi hai real life me isse jyada hi hoti hai. aaj me ye sab isliye likh rha hu ki meri job chali gyi hai aur daily me bibi ke tanhe sunta hu ki tum kuch krte kyun nhi too aaj me bhut udas tha to mene socha ki me kuch likhu isliye mere dil ke andar jo chal rha hai to mene socha ki use likh hi du kyunki din ke andar jab bhi koi bat rehti hai to wo aur jyada pareshan krti hai . Sahi samay rehte hum sabhi ko apni financial life par dhyaan dena chaiye nhi to kahin na kahin hum sabhi ko ek ka ek din safar krna padta hai
Saturday, 24 October 2020
It Is Very Special Day For Me Because TODAY IS MY BIRTHDAY - Date Is 25 Oct
आज मेरा जन्मदिन हैं सब नार्मल जैसा ही है जैसा होना चाइये एक उमंग एक उत्साह वो नहीं है लाइफ में में ही शायद वजह हू इन सबके पीछे .वैसे जिंदगी सीखने का नाम ही है ऐसा में नहीं कहता ऐसा लोग अक्सर बोलै करते है और शायद में भी ये बात सही ही मानता हू