Monday, 4 August 2025

Kya Aap Akele H..............?

दोस्तों, आज मैं जिस विषय पर बात करने वाला हूँ, वह बहुत ही रोचक है। मैं आप सभी से एक सवाल पूछना चाहता हूँ — क्या आप भी कभी ऐसा महसूस करते हैं कि आप अकेले हैं? एक बार ज़रूर अपने आप से यह सवाल कीजिएगा।

मैं किसी और की बात नहीं करता, लेकिन जैसा मैंने महसूस किया है, वह यह है कि इस दुनिया में आप बिल्कुल अकेले हैं — कोई भी वास्तव में आपके साथ नहीं है। और यह बात इस कलियुग में पूरी तरह से सत्य प्रतीत होती है।

रिश्तों में अब पहले जैसी बात नहीं रही। जैसे-जैसे समय बदलता जा रहा है, वैसे-वैसे रिश्तों की परिभाषा भी बदलती जा रही है। हमारा भारत, जो अपनी संस्कृति के लिए जाना जाता था, वही संस्कृति अब धीरे-धीरे धूमिल होती जा रही है — क्योंकि भारतीय लोग अब पाश्चात्य संस्कृति को अपना रहे हैं।

जब मैं छोटा था, तब मैंने खुद देखा था कि लोग एक-दूसरे के घर जाते थे, आपस में मिलते थे, समय बिताते थे, और एक-दूसरे की खुशी में खुश होते थे। लेकिन आज का समय देखिए — इंसान के पास अब अपनी ही परिवार के लिए समय नहीं है, दूसरों की तो बात ही छोड़ दीजिए।

डिब्बे जैसे घर और उन्हीं घरों में सिमटता जा रहा है आज का इंसान। क्या आजकल के रिश्ते पैसों पर टिके हुए हैं? अगर आपके पास पैसा है, तो रिश्तेदार और घरवाले आपको पूछेंगे — और अगर आपके पास पैसा नहीं है, तो कोई आपकी खबर तक नहीं लेगा।

यह आजकल की पीढ़ी के लिए एक बहुत बड़ा सवाल है।


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